Monday, September 7, 2026

भारत में महामानव का पशुरोग नियत्रण का वादा :: Fake FMD control promises in India

 भारत में लगभग 50 वर्षों से जारी मुंह-पका खुर-पका (FMD) नियत्रण कार्यक्रम (FMD-CP) लगातार असफल हो रहा था, और देश भर में वैक्सीनेशन के बावजूद भारी संख्या में दुधारू पशु इस महामारी  से सिर्फ प्रभावित हो रहे थे बल्कि मर भी रहे थे. २०१४ में चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशुस्वास्थ्य संस्थान (CCSNIAH), बागपत से मुंह-पका खुर-पका (FMD) नियत्रण कार्यक्रम में प्रयुक्त वैक्सीन की ख़राब गुणवत्ता की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद देशभर में एक आंदोलन सा खड़ा हो गया, परन्तु 2014 में बड़े-बड़े वादों और ईमानदारी का दावा करने वाली सरकार ने तो की ख़राब वैक्सीन उत्पादन पर रोक लगाईं उत्पादकों पर कोई जुर्माना किया, हाँ रिपोर्ट देने वाले वैज्ञानिक पर जांच और मुकदमे जरूर लाद दिए. सरकार के ऐसे रवैय्ये से ख़राब वैक्सीनों के उत्पादक उत्साहित होकर और बदतर वैक्सीन बनाने में व्यस्त हो गए. 2018 आते-आते ऐसा कोई सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र नहीं बचा जहाँ वर्ष में दो बार वैक्सीन लगने के बाद भी मुंह-पका खुर-पका बीमारी ना फैली होहालत यहाँ तक  हुई कि वैक्सीन लगाना ही बीमारी फ़ैलने का कारण लगने लगा . 2019 में देश में 132 जगहों पर मुंह पका खुर पका रोग के प्रकोप होने के बाद महामानव की आँख खुली और वे लेकर आये FMD-CP के स्थान पर राष्ट्रीय पशु रोग नियत्रण कार्यक्रम (NADCP), बड़े वादे के साथ कि 2025 तक देश में मुंह पका खुर पका रोग होना बंद हो जाएगा और 2030 तक देश से इस रोग का नामोनिशान मिट जाएगा

२०१९ से 2024 तक NADCP में 13343 करोड़ रुपये खर्च करके, NADCP के असफल होने के बाद, जैसा कि हमेशा से होता रहा है, कार्यक्रम का नाम बदल कर पशु स्वास्थ्य और रोग नियत्रण कार्यक्रम (LHDCP) कर दिया गया, और  बिना किसी की जिम्मेदारी निर्धारित करके 2024 से 2026 के लिए और 3880 करोड़ रुपयेआवंटित कर दिए गए. और २०२६-२७ के लिए 2010 करोड़ रुपये और.

महामानव की सरकार के आकड़े (जिन पर अब विश्वास करने वाले सिर्फ अंधभक्त ही बचे हैं) के अनुसार 2025 में 40 स्थानों पर मुंह पका खुर पका रोग के प्रकोप हुआ और 2026 की शुरआत में ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही अरुणाचल में सैंकड़ो मिथुन को यह रोग लील गया. भविष्य बताएगा कि LHDCP के असफल होने के बाद अब नया नाम क्या होगा, क्योंकि बीमारी तो ख़त्म होनी नहीं है, महामानव के और कितने ही वादों की तरह FMD रोग नियत्रण के वादे को भी भूल जाना ही बेहतर है. याद रहे महामानव ने भारत को २०30 से पहले TB मुक्त करने का भी वादा किया था और अब सिर्फ भारत में 15 वर्ष से ऊपर की उम्र के एक तिहाई लोग TB से ग्रसित हैं.

NADCP के अंतर्गत सभी गौ, भैंस, बकरी , भेड़, एवं सूअर  जाति के पशुओं में 100% FMD वैक्सीनेशन होना था, और है, भारत में लगभग १४.४१ करोड़ गौ, १०.९९ करोड़ भैंस , १४.८९ करोड़ बकरी, .४३ करोड़ भेड़, एवं लगभग 1 करोड़ सूअर जाति के पशु हैं, और वैक्सीन वर्ष दो बार लगनी है अर्थात 48 करोड़ पशुओं में 96 करोड़ वैक्सीन की खुराकें, परन्तु असलियत यह है कि पिछले वर्ष लगभग 50 करोड़ वैक्सीन की खुराकें ही देश में लगी हैं, अर्थात कार्यक्रम आधे मन से अधूरी चाल ही चल रहा है, और उसके चलने में भी इतनी खामिया हैं कि कार्यक्रम का लड़खड़ाकर गिरना लाजमी है.

 

References:

1.       WIONews.

2.       https://www.facebook.com/watch/?v=1021647427406589

3.       ICAR-NIFMD http://nifmd.res.in/Newsletters/Bimonthly%20news%20letter%20FMD%20%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95%20Jan-Feb%202026.pdf)

4.       http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/126014798.cms?utm_source=contentofinterest&utm_medium=text&utm_campaign=cppst

5.       National Animal Disease Control Programme (NADCP) | Current Affairs

6.       https://www.dahd.gov.in/en/schemes/programmes/nadcp

7.       https://www.foot-and-mouth.org/fmd-vaccine-producers

8.       https://crackittoday.com/current-affairs/national-animal-disease-control-programme