Azad India
Saturday, December 27, 2025
जियें तो जियें क्यूँ?
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जियें तो जियें क्यूँ? जब जीने का सलीक़ा आया तब तक ज़िन्दगी की शाम आ चुकी है और मन बार बार यह सवाल करने लगा है कि जी...
Who?
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Who? Who was I? Who am I? Who will I be? These are the questions that made me ponder many nights spent awake. I failed every night an...
Monday, December 15, 2025
मीठा गीत
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मीठा गीत जब मन में उपजे होंगे द्वंद, शब्द तभी बन पाए होंगे छंद . जब हृदय कांपा होगा, जैसे लगी हुई हो शीत, तब कम्पित ओंठों से निकला होगा म...
बुढ़ापा- जियो और जब तक जियो, शान से जिओ
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बुढ़ापा- जियो और जब तक जियो, शान से जिओ यूं तो 23000 से कुछ सीजल रातें आकर चली गई, पर किसी ने नहीं की थी बातें इतनी क्रूर, बहुत थी उनमें ...
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